मिट्टी स्वास्थ्य कार्ड: कौन सी खाद डालें और कौन सी बंद करें, जांच मुफ्त कैसे करवाएं
हर साल एक जैसी डीएपी डालना मिट्टी को थका देता है। कार्ड बताता है कि इस खेत को असल में कौन सी खाद चाहिए। जांच सरकारी प्रयोगशाला में होती है।
फसलों की बुवाई, सिंचाई, खाद और पैदावार बढ़ाने के व्यावहारिक तरीके।
हर साल एक जैसी डीएपी डालना मिट्टी को थका देता है। कार्ड बताता है कि इस खेत को असल में कौन सी खाद चाहिए। जांच सरकारी प्रयोगशाला में होती है।
बोरी पर छपा दाम ही असली दाम है। यूरिया नियंत्रण में है, डीएपी पर पोषक तत्व सब्सिडी है। ज्यादा पैसे मांगने वाले दुकानदार का बिल जरूर लें।
एक अच्छी तलाई रबी की पहली सिंचाई बचा लेती है। छोटे किसानों को कच्ची तलाई पर 70 प्रतिशत तक और नहर की डिग्गी पर 85 प्रतिशत तक अनुदान का ढांचा दर्ज है।
पूरा ट्रैक्टर मुफ्त देने वाली कोई आम योजना नहीं है। सीड ड्रिल, थ्रेसर, स्प्रेयर और रोटावेटर पर अनुदान मिलता है, प्रतिशत किसान की श्रेणी और मशीन पर निर्भर करता है।
रेगिस्तान में पानी सबसे क़ीमती चीज़ है। ड्रिप और स्प्रिंकलर उसी पानी में दोगुना रक़बा सींचने का रास्ता हैं — और सरकार इसका बड़ा हिस्सा ख़ुद भरती है।
ग्वार रेगिस्तान की सबसे वफ़ादार फसल है — कम पानी में हो जाती है, ज़मीन की सेहत सुधारती है, और इसकी माँग खेत से बहुत दूर तय होती है।
बीकानेर की रेतीली मिट्टी मूंगफली के लिए बनी है। लेकिन जिप्सम कब डालना है और सिंचाई कब रोकनी है — इन दो बातों पर ही आधी पैदावार टिकी होती है।
मरुधरा किसान
राजस्थान और बीकानेर के किसानों के लिए सरल, भरोसेमंद और काम की हिंदी जानकारी।
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