मुख्यमंत्री बीज स्वावलंबन योजना: अपना बीज खुद उगाएं, अनुदान कितना मिलता है

राजस्थान की महिला किसान सरकारी योजना की जानकारी पढ़ते हुए
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अच्छा बीज आधी फसल होता है। राजस्थान की मुख्यमंत्री बीज स्वावलंबन योजना का मकसद यही है कि किसान हर साल महंगा बीज खरीदने के बजाय अपना बीज खेत पर ही उगा सके। योजना पहले कोटा, भीलवाड़ा और उदयपुर के कुछ ब्लॉकों में पायलट थी। 2018-19 से इसे प्रदेश के ब्लॉकों में फैलाया गया।

योजना के मूल ढांचे में यह दर्ज है: सामान्य वर्ग के छोटे और सीमांत किसानों को बीज पर कृषि विभाग की तरफ से 50 प्रतिशत तक अनुदान, और गरीबी रेखा से नीचे के परिवारों को मिनी किट। असली किट हर सीजन के आदेश से तय होती है।

2026 में जो अतिरिक्त व्यवस्था रही

जून 2026 में खरीफ के लिए एक और ऐलान हुआ, जो मूल 50 प्रतिशत वाले ढांचे से अलग और ज्यादा राहत वाला था:

  • चुने किसानों को 90 प्रतिशत अनुदान पर बीज, किसान का हिस्सा 10 प्रतिशत
  • मूंग करीब 8 किलो, मोठ 6 किलो, उड़द 8 किलो, ज्वार 4 किलो के आसपास की किट
  • मूंग, मोठ और उड़द पर अनुदान का हिसाब करीब ₹6,000 प्रति क्विंटल, ज्वार पर करीब ₹3,000 प्रति क्विंटल
  • इस अनुदान का एक हिस्सा केंद्र की तरफ से और बाकी राज्य योजना से
  • मूंग के बीज वाले जिलों में बीकानेर, जालौर, जोधपुर और पाली का नाम था
  • करीब 81,000 किसानों और करीब ₹8.10 करोड़ अनुदान की बात कही गई
  • मंदिर माफी की ज़मीन पर खेती करने वाले भी पात्र बताए गए

बजट 2026-27 में यह भी कहा गया कि दलहन और तिलहन के उन्नत बीज करीब 2.5 लाख किसानों को मुफ्त बांटे जाएंगे। यह ऐलान है। बैग तभी मिलता है जब आपके ब्लॉक की सूची और सीजन खुलें।

कौन पूछने जाए

  • जिसे अपनी फसल का बीज अगले साल के लिए रखना है
  • छोटे और सीमांत किसान, जिनके पास प्रमाणित बीज खरीदने के पूरे पैसे नहीं
  • बीपीएल परिवार, मिनी किट के लिए

बीज उत्पादन वाले समूह की फसल अगले वर्ष बाकी किसानों के काम आती है। इसलिए कृषि विज्ञान केंद्र वाली किस्म ही बोएं। बेनाम हाट का बीज योजना में पास नहीं होता।

आवेदन

  1. ज़िला कृषि कार्यालय या केवीके में फॉर्म लें। ऑनलाइन खिड़की खुली हो तो कृषि पर्यवेक्षक वही लिंक देगा
  2. आधार, बैंक पासबुक और ज़मीन का कागज़ लगाएं
  3. Farmer ID बन गई हो तो नंबर लिखें
  4. फसल वही चुनें जो इस सीजन आपके जिले के लिए खुली हो। बीकानेर में मूंग और मोठ ज्यादा पूछे जाते हैं, गेहूं का बीज हर किट में नहीं होता
  5. रसीद रखें। वितरण की तारीख पर खाली बोरी लेकर जाएं

सीजन निकलने के बाद “पिछले साल वाली किट अब भी मिल जाएगी” मत समझिए। हर खरीफ और रबी का आदेश अलग छपता है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

क्या हर फसल का बीज आधा दाम पर मिलता है?

नहीं। मौसम और जिले के हिसाब से फसल तय होती है। 2026 की एक व्यवस्था में मूंग, मोठ, उड़द और ज्वार पर जोर रहा, और चुने किसानों को 90 प्रतिशत अनुदान पर किट दी गई। अपनी तहसील की सूची कृषि पर्यवेक्षक से लें।

बीकानेर में मूंग का बीज मिलेगा?

जून 2026 की घोषणा में मूंग का बीज बीकानेर, जालौर, जोधपुर और पाली के किसानों के लिए रखा गया था। सीजन खत्म हो चुका हो तो अगली किट का नोटिस पूछें। हर सीजन अपनी सूची होती है।

आवेदन कहां है?

ज़िला कृषि कार्यालय या कृषि विज्ञान केंद्र। कई वितरण अब Farmer ID से जोड़े जा रहे हैं, इसलिए पहचान पहले बनवा लें।

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