राजस्थान Farmer ID कैसे बनवाएं: 30 सितंबर 2026 तक का अभियान, खाद और बीज इसी से जुड़ेंगे

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राजस्थान सरकार 1 सितंबर से 30 सितंबर 2026 तक Farmer ID बनाने का विशेष अभियान चला रही है। आज 22 सितंबर है, यानी इस खिड़की में अभी कुछ दिन बचे हैं। कृषि विभाग खाद की बुकिंग को भी इसी पहचान की तरफ ले जा रहा है, ताकि यूरिया और डीएपी ज़मीन और फसल के हिसाब से मिलें, कालाबाज़ारी कम हो।

जल्दी में घबराएं नहीं, पर टालें भी नहीं। जिनके पास पहले से पहचान बन चुकी है, उन्हें दोबारा पैसे देकर “नया कार्ड” नहीं बनवाना।

Farmer ID है क्या

यह राज्य की किसान पहचान है। इसमें आपका नाम, ज़मीन और बैंक खाता एक रिकॉर्ड में जुड़ते हैं। केंद्र का पीएम किसान नंबर अलग है। राज्य की कई योजनाएं, बीज किट और आने वाली खाद बुकिंग इसी आईडी को देखने लगी हैं।

दूसरे राज्यों में भी किसान पहचान पत्र को बीज वितरण की शर्त बनाया जा रहा है। राजस्थान में भी यही रास्ता पकड़ा जा रहा है।

कौन बनवाए

  • जिसके नाम खेती की ज़मीन दर्ज है
  • बटाईदार या मंदिर माफी जैसी विशेष ज़मीन पर खेती करने वाले भी अपने कागज़ लेकर कृषि कार्यालय में पूछ लें। हर श्रेणी की व्यवस्था एक जैसी नहीं होती
  • परिवार में ज़मीन जिसके नाम है, पहचान भी आमतौर पर उसी के नाम बनेगी

क्या लेकर जाएं

  • आधार कार्ड
  • आधार से जुड़ा मोबाइल, ओटीपी के लिए
  • बैंक पासबुक
  • जमाबंदी की नकल या खसरा नंबर
  • पासपोर्ट फोटो, अगर केंद्र मांगे
  • जन आधार कार्ड, अगर पहले से बना है

कहां बनवाएं

  1. नज़दीकी ई-मित्र केंद्र पर जाएं और साफ़ कहें: Farmer ID बनवानी है
  2. या ज़िला कृषि कार्यालय / कृषि पर्यवेक्षक के पास जाएं
  3. फॉर्म में खसरा नंबर और रकबा वैसे ही लिखें जैसे जमाबंदी में है। एक अंक गलत हुआ तो बाद में खाद कोटा अटकता है
  4. रसीद या पंजीकरण नंबर जरूर ले लें। फोटो खींचकर मोबाइल में रख लें

एसएसओ पोर्टल sso.rajasthan.gov.in पर भी राजस्थान की कई सेवाएं जुड़ी हैं। जो किसान खुद ऑनलाइन कर लेता है, वह भी ठीक है। जो सहज न हो, वह ई-मित्र जाए, पर स्क्रीन पर अपना नाम खुद पढ़े।

बनने के बाद क्या करें

  • नंबर को पीएम किसान, बैंक और जन आधार के नाम से मिलाकर देखें। नाम की स्पेलिंग तीनों जगह एक हो
  • खाद विक्रेता या सहकारी समिति को यही पहचान बताएं, जब नई बुकिंग शुरू हो
  • बीज अनुदान के फॉर्म में भी यही नंबर लिखें

अभी अभियान 30 सितंबर 2026 तक बताया गया है। उसके बाद भी पंजीकरण बंद हो जाए, यह ज़रूरी नहीं। पर इस माह विभाग खुद किसानों को बुलवा रहा है, इसलिए इसी हफ्ते निपटा लें।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

क्या Farmer ID और पीएम किसान नंबर एक ही चीज़ है?

नहीं। पीएम किसान का रजिस्ट्रेशन नंबर केंद्र की किस्त के लिए है। Farmer ID राज्य की किसान पहचान है, जिससे ज़मीन, फसल और आगे खाद-बीज जोड़े जा रहे हैं। दोनों अलग रखें।

आधार नहीं है तो क्या करें?

पहले आधार बनवाएं या अपडेट करवाएं। बिना पहचान पत्र के Farmer ID नहीं बनेगी। मोबाइल नंबर भी आधार से जुड़ा होना बेहतर है, ताकि ओटीपी आ सके।

क्या इसके लिए एजेंट को हजारों रुपये देने हैं?

नहीं। ई-मित्र का सामान्य सेवा शुल्क काफी है। जो कोई “लिस्ट में नाम चढ़ाने” के पैसे मांगे, वह ठग है।

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