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राजस्थान निशुल्क पशु टीकाकरण योजना 2026: गाय-भैंसों को मुफ्त FMD और लम्पी के टीके, यहाँ जानें पूरी जानकारी

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राजस्थान सरकार राज्य के पशुपालकों की आय बढ़ाने और पशुधन को सुरक्षित रखने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। इसी कड़ी में पशुओं को संक्रामक और जानलेवा बीमारियों से बचाने के लिए ‘राजस्थान निशुल्क पशु टीकाकरण योजना 2026’ (Free Animal Vaccination Scheme Rajasthan) चलाई जा रही है।

अक्टूबर 2026 तक के आधिकारिक अपडेट के अनुसार, राज्य में पशुओं को खुरपका-मुँहपका रोग (FMD) से बचाने के लिए मार्च 2026 में 7वें टीकाकरण चरण की शुरुआत की गई थी। इस महा-अभियान के तहत राजस्थान की लगभग 2.32 करोड़ गायों और भैंसों का निःशुल्क टीकाकरण करने का लक्ष्य रखा गया है। सबसे बड़ी राहत की बात यह है कि पशुपालकों को कहीं भटकना नहीं पड़ेगा, बल्कि पशुपालन विभाग की टीमें घर-घर और गाँव-गाँव जाकर यह काम कर रही हैं।

राजस्थान में निशुल्क पशु टीकाकरण के प्रमुख कार्यक्रम

राज्य सरकार ने विभिन्न पशुओं और उनकी बीमारियों के आधार पर टीकाकरण का एक व्यवस्थित शेड्युल तैयार किया है। राज किसान पोर्टल और केंद्र सरकार के पशुपालन विभाग के दिशा-निर्देशों के अनुसार यह प्रक्रिया चल रही है:

बीमारी / टीकाकरण कार्यक्रमकिन पशुओं को लगेगा टीका?टीकाकरण का समय
खुरपका-मुँहपका रोग (FMD)गाय, भैंस और अन्य पात्र पशुसामान्यतः हर 6 महीने में एक बार
ब्रुसेलोसिस (Brucellosis)4 से 8 महीने की मादा बछिया और पाड़ीजीवन में एक बार
PPR (बकरी-भेड़ प्लेग)भेड़ और बकरियाँरोग नियंत्रण कार्यक्रम के तहत
लम्पी स्किन डिजीज (LSD)विशेषकर गायेंविभागीय महा-अभियान के दौरान

घर बैठे बुलाएं पशु डॉक्टर: डायल करें 1962 टोल-फ्री नंबर

राजस्थान सरकार ने पशुपालकों की सुविधा के लिए ‘मोबाइल पशु चिकित्सा इकाई’ (Mobile Veterinary Units) की शुरुआत की है।

  • यदि आपका पशु बीमार है या आपको टीकाकरण की सुविधा चाहिए, तो आप सीधे 1962 टोल-फ्री नंबर पर कॉल कर सकते हैं।
  • इस हेल्पलाइन के जरिए एम्बुलेंस और चिकित्सा टीम सीधे आपके घर या फार्म तक पहुंचेगी।

टीकाकरण कब और कहाँ होगा? पशुपालक रखें इन बातों का ध्यान

योजना का 100% लाभ उठाने के लिए राज्य के पशुपालकों को कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखना चाहिए:

  1. अपने गाँव की तारीख जानें: आपके गाँव या पंचायत में टीकाकरण की टीम कब आ रही है, इसकी सटीक जानकारी के लिए अपने नजदीकी सरकारी पशु चिकित्सालय या उपकेंद्र (Veterinary Sub-center) से संपर्क करें।
  2. कान का टैग (Ear Tagging) अनिवार्य: टीकाकरण के समय पशु के कान में लगा टैग बहुत जरूरी है। यह आपके पशु की डिजिटल पहचान है।
  3. रिकॉर्ड सुरक्षित रखें: टीकाकरण कार्ड और पशु का हेल्थ रिकॉर्ड हमेशा अपने पास उपलब्ध रखें, ताकि भविष्य में सरकारी योजनाओं का लाभ मिलने में कोई परेशानी न हो।

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